
वाराणसी। रोहनिया थाना अंतर्गत ट्रांसपोर्ट नगर में पुलिस पर ग्रामीणों द्वारा पथराव करने की घटना का मामला सामना आया है। पूरी घटना का वीडियो भी काफी वायरल हो रहा है। पुलिस और वीडीए प्रशासन की टीम रोहनिया ट्रांसपोर्ट नगर किसी कार्रवाई के लिए पहुंची थी। इस दौरान पुलिस पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया।
पुलिस ने उग्र ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की पर, ग्रामीण शांत नहीं हुए। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक बुजुर्ग महिला बेहोश खेत में पड़ी है, जिसे कुछ लोग उठाते हैं। इसके बाद ग्रामीण पुलिस पर हमला कर देते हैं। वीडियो मे पुलिसकर्मियों को भागते देखा जा सकता है।
जानकारी के अनुसार, रोहनिया के मोहनसराय मिल्कीचक में प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर योजना के तहत पैमाइश करने वीडीए और पुलिस प्रशासन की टीम जेसीबी लेकर पहुंची थी। प्रशासन ने कार्रवाई शुरु की तो ग्रामीण मौके पर पहुंचे और विरोध करने लगें। ग्रामीणों ने मांग किया कि जिस किसान के जमीन का मुआवजा प्रशासन ने दिया है उसी पर कार्रवाई की जाए, जबरदस्ती दूसरे किसानों की जमीन पर कब्जा न किया जाए।
इन्हीं बातों को लेकर पुलिस प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बहस हुई और ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव शुरु कर दिया। माहौल बिगड़ता देख भारी संख्या में पुलिस बल ने विरोध कर रहे किसानों को दौड़ाकर लाठीचार्ज किया तो ग्रामीण वहां से भाग गए। पुलिस ने लगभग एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है और कुछ किसान व कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों की ओर से किए गए पथराव में उप निरीक्षक कुलदीप कुमार को भी चोट आई है।
बता दें, कि मोहनसराय ट्रांसपोर्ट नगर योजना का किसान 1998 से विरोध करते चले आ रहे हैं। उक्त योजना में बैरवन, कन्नाडाडी, मिल्की चक एवं मोहनसराय के 1194 किसान प्रभावित हैं। इसमें कुल 214 एकड़ जमीन योजना के लिए प्रस्तावित है। 2003 में किसानों की बिना सहमति के उनका नाम काटकर राजस्व अभिलेख खतौनी पर विकास प्राधिकरण वाराणसी का नाम दर्ज कर दिया गया है। उक्त योजना में लगभग 32 प्रतिशत किसान मुआवजा ले लिया पर 68 परसेंट किसानों ने मुआवजा नहीं लिया है।