
चंदौली। चहनियां ब्लॉक प्रमुख अरुण जायसवाल की कुर्सी एक बार फिर संकट में आ गई है। उच्च न्यायालय ने जिलाधिकारी को 15 दिनों के भीतर नोटिस जारी कर बैठक बुलाने और अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। ऐसे में ब्लॉक में फिर घमासान मचना तय माना जा रहा है। इस आदेश के बाद चहनियां ब्लॉक के क्षेत्र पंचायत सदस्यों की पांच सदस्यीय टीम बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची। हाईकोर्ट के आदेश की प्रति सौंपते हुए अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही जल्द से जल्द कराने की मांग की।
ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ फिर उठा अविश्वास प्रस्ताव
चहनियां ब्लॉक प्रमुख अरूण जायसवाल के खिलाफ क्षेत्र पंचायत सदस्यों द्वारा पहले भी अविश्वास प्रस्ताव लाने की कोशिश की गई थी, लेकिन किसी तरह इसे रोक दिया गया था। अब उच्च न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 15 दिनों के भीतर नोटिस जारी कर बैठक कराई जाए और अविश्वास प्रस्ताव पर निर्णय लिया जाए। इस सिलसिले में चहनिया क्षेत्र पंचायत ब्लॉक अध्यक्ष के प्रतिनिधि लाल बहादुर सिंह ने कहा कि यह सिर्फ चहनिया विकास खंड के नहीं, बल्कि पूरे जिले के क्षेत्र पंचायत सदस्यों की जीत है। उन्होंने कहा कि सत्ता के दबाव में अविश्वास प्रस्ताव को रोकने का प्रयास किया गया था, लेकिन उच्च न्यायालय के आदेश ने प्रशासन को निष्पक्ष कार्रवाई के लिए बाध्य कर दिया है।
न्यायालय के फैसले से क्षेत्र पंचायत सदस्यों में उत्साह
लाल बहादुर सिंह ने आगे कहा कि सत्ता पक्ष ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा देकर क्षेत्र पंचायत सदस्यों की आवाज को दबाने का प्रयास किया, लेकिन न्यायालय के आदेश से अब सच सामने आएगा। उन्होंने बताया कि 72 क्षेत्र पंचायत सदस्यों में लगभग आधे भाजपा के हैं और संघ से जुड़े हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी समस्याओं को अनदेखा किया गया। उन्होंने कहा, “सच परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। अब न्यायालय के निर्देश के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।”
जिलाधिकारी को सौंपा गया हाईकोर्ट का आदेश
क्षेत्र पंचायत सदस्यों की टीम ने जिलाधिकारी कार्यालय में मौजूद उप जिलाधिकारी विराग पांडेय को उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति सौंपी और आग्रह किया कि निर्देशों के अनुरूप जल्द से जल्द अविश्वास प्रस्ताव पर कार्यवाही की जाए। चहनियां ब्लॉक प्रमुख भाजपा के गले की हड्डी बन गए हैं। अब जिलाधिकारी को 15 दिनों के भीतर नोटिस जारी करना होगा और ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की बैठक आयोजित करनी होगी। यदि इस बैठक में बहुमत उनके खिलाफ जाता है, तो ब्लॉक प्रमुख को पद से हटना पड़ सकता है। इस घटनाक्रम के बाद चहनिया ब्लॉक की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना है और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के रुख पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।